26 दिसंबर 2015 - 18:27
isis का नया फ़तवा, जीवित मनुष्य का अंग निकालना जाएज़ है।

आतंकी संगठन दाइश का एक नया फ़त्वा आया है जिसमें कहा गया है कि जीवित मनुष्य का अंग निकालना वैध है।

आतंकी संगठन दाइश का एक नया फ़त्वा आया है जिसमें कहा गया है कि जीवित मनुष्य का अंग निकालना वैध है।
सूचना के अनुसार, अमेरिका के विशेष सैनिक दस्तों को इस वर्ष मई में पूर्वी सीरिया में छापे के दौरान कुछ दस्तावेज़ मिले जिसमें जीवित मनुष्य के अंग निकालने का फ़त्वा दिया गया है। यह फ़त्वा 31 जनवरी को जारी हुआ जिसमें कहा गया है कि यदि किसी की जान बचाने के लिए किसी बंधक के अंग निकालने पड़ें तो इसकी अनुमति है और इस काम से भले ही उसकी जान चली जाए।
फ़त्वे में कहा गया है कि दाइश द्वारा तय किए गए नियमों का उल्लंघन करने वालों के जीवन और अंगों पर दया करने की आवश्यकता नहीं है और दंड के बदले ये दोनों चीज़ें उनसे छीनी जा सकती हैं। यह फ़त्वा नंबर 68 है जिसमें किसी जीवित व्यक्ति का अंग निकालने पर किसी भी प्रकार की रोट टोक न होने पर बल दिया गया है।
उधर संयुक्त राष्ट्र संघ में इराक़ के स्थाई राजदूत अली हकीम ने कहा कि इन दस्तावेज़ों की जांच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा करवायी जाए ताकि प्रमाणित किया जा सके कि दाइश धन एकत्रित करने के लिए मानव अंगों की तस्करी भी कर रहा है।
उन्होंने मूसिल सिटी में 12 डॉक्टरों की मौत की सुरक्षा परिषद से जांच करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि मानव अंग निकालने से मना करने पर इस वर्ष फ़रवरी में दाइश ने इन डाक्टरों की हत्या कर दी थी।
ज्ञात रहे कि दाइश और तकफ़ीरी वहाबी मुल्लाओं का यह पहला फ़त्वा नहीं है जिससे मानवता शर्माए जाए। इससे पहले दाइश के मुल्लाओं ने यह फ़त्वा भी दिया था कि वह बंधक महिलाओं को दासी के रूप में जैसे चाहें प्रयोग कर सकते हैं। इससे पहले दाइश के आतंकियों ने एक इज़दी महिला को उसके ही पुत्र का मांस खिला दिया गया।